सर आइज़क न्यूटन – असाधारण प्रतिभा का धनी एक शख्स जिसने बदल डाली दुनिया

जब हम बचपन में विज्ञान पढ़ना शुरू करते हैं तो सबसे पहले जिस वैज्ञानिक का नाम आता है, वो हैं – न्यूटन(Newton)। यूँ तो दुनियां में बहुत से लोग जन्म लेते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हमेशा हमेशा के लिए अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिख जाते हैं। जब तक इस धरती पे विज्ञान रहेगा तब तक “सर आइज़क न्यूटन(Sir Isaac Newton)” का नाम लिया जाता रहेगा। मैं खुद हमेशा से उनके जैसा बनना चाहता हूँ, मेरी ये दिली इच्छा है कि न्यूटन जैसा वैज्ञानिक बनूँ। मैं ही नहीं, मेरे जैसे और भी बहुत लोग होंगे जो उसने जैसा बनना चाहते होंगे। आइये न्यूटन सर के बारे में आज कुछ जानने की कोशिश करते हैं- हमारा विज्ञान जहाँ से शुरू होता है, उसका आधार हैं “सर आइज़क न्यूटन” और हम सब के लिए एक प्रेरणा के स्रोत हैं। न्यूटन का जन्म 25 December 1642 को क्रिसमस वाले पवित्र दिन को वुल्सथार्प,लंकशायर(इंग्लैंड) में हुआ था। इनके जन्म से ठीक 3 महीने पहले इनके पिता का देहांत हो गया था। बचपन में ही पिता का साया सर से उठ जाने से इनको बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ा। जब ये 3 साल के हुए तो इनकी माँ ने फिर से नयी शादी कर ली, इनके पालन पोषण के लिए इनको दादी माँ के पास छोड़ गयी और खुद नए पति के साथ रहने चली गयी। न्यूटन को अपने सौतेले पिता बिलकुल अच्छे नहीं लगते थे। जब न्यूटन छोटे थे तो बहुत दिन तक ठीक से बोल नहीं पाते थे।   जब ये 17 साल के हुए तो The King’s School, Grantham में इन्हें पढ़ने के लिए प्रवेश दिलाया। लेकिन इनका मन वहां पढाई में नहीं लगता था, क्यूंकि वहां गणित नहीं पढ़ाया जाता था। न्यूटन का मन शुरुआत से ही गणित विषय में बहुत लगता था। वे बचपन से ही…

भारत में टेस्ट ट्यूब बेबी के जनक की अनसुनी कहानी

मित्रो आइये आपको आज एशिया के पहले और विश्व के दूसरे वैज्ञानिक जिन्होंने टेस्ट ट्यूब बेबी का सफल कारनामा अंजाम दिया। इनका नाम था डॉ. सुभाष मुखोपाध्याय। बेहद अफ़सोस की बात है की उनके कार्य को उनके जीते जी सम्मान नहीं मिला और उनकी मृत्यु के २७ सालों के बाद उनके काम को सराहा गया । डॉ सुभाष मुखोपाध्याय को उनकी रिसर्च में श्री सुनीत मुखर्जी और श्री एस. के. भट्टाचार्य मदद कर रहे थे । डॉ. सुभाष ने टेस्ट ट्यूब बेबी की सबसे सफलतम और आसान तकनीक खोजी थी। लेकिन उनके जीवन काल में उनके काम को अर्थहीन ही समझा गया। उस समय की तथाकथित विशेषज्ञ कमेटी जिसमे gynaecologist, psychologist, physicist और एक neurologist थे और जिसकी अध्यक्षता एक radio physicist , उनमे से किसी को आधुनिक प्रजनन तकनीकों के बारे में कुछ भी नहीं पता था और न ही उसमे से किसी ने ये जानने की कोशिश की। उलट उस कमेटी ने डॉ सुभाष मुखोपाध्याय पर गंभीर आरोप लगाए। जिसमे सरकारी अनुमति के बिना अपनी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने का तथा टेस्ट ट्यूब में भ्रूण पैदा कर सकने के दावों को असंभव और आधारहीन बताया। इन आरोपो का मुख्य कारण डॉ सुभाष की स्पष्टवादिता और गलत कार्यो में सरकारी अफसरों का साथ न देना था। कमेटी ने डॉ सुभाष को उनकी रिसर्च को बाहर भेजने और जापान में उस समय आयोजित होने वाली अन्तर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में जाने से भी रोक दिया। उत्पीडन की हद तो तब हुई जब इस प्रतिभावान वैज्ञानिक को हमारे ही देश के इन लोगो ने तबादला कर नेत्र विशेषज्ञता के विभाग में भेज दिया। डॉ सुभाष अपने साथ हो रहे इन उत्पीड़नों और अपमान को सहन नहीं कर पाये और सन 1981 में उन्होंने दुःखी होकर आत्महत्या कर ली। आपको जानकर और भी आश्चर्य होगा की विश्व के पहले टेस्ट ट्यूब बेबी के जनक…

डॉ अम्बेडकर और भारत के बहुजन

डॉ भीमराव अम्बेडकर के बारे में लोग उन्हें सिर्फ सविधान निर्माता और दलितों की आजादी के मसीहा के रूप में जानते है। उनके द्वारा किये गए वो अविस्मरणीय कार्य जो दलितों के लिए नहीं अपितु सबके लिए थे:- 1. सरदार पटेल के तीव्र विरोध के बावजूद उन्होंने महिलाओ सहित सभी को वोट का सवैधानिक अधिकार दिलाया। 2. महिलाओ को पुरुषो के समान वेतन दिलवाने का श्रेय उन्ही को जाता है। 3. महिलाओ के लिए प्रसूति अवकाश की व्यवस्था की। 4. 12 घण्टे काम करने की अवधी को घटाकर 8 घण्टे किए, इसी कड़ी में हफ्ते में 1 दिन के जरूरी अवकाश की व्यवस्था की। 5. व्यापर यूनियन को सरकारी मान्यता दिलवाई ताकि वो कानूनन अपनी मांग उठा सके। 6. भारत में एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज की व्यवस्था की ताकि सरकार के किसी विभाग के बंद होने पर कर्मचारियों को नौकरियों से न निकाला जाए। 7. कामगार वर्ग के हितो की रक्षा के लिए बिमा स्कीम लागू की। 8. हर 5 साल में वित्त आयोग की व्यवस्था की। 9. 1925 में अपनी पी०एच०डी० की थीसिस “प्रोब्लम ऑफ़ रुप्पी- ईट्स प्रोब्लम एंड ईट्स सोल्युशन” को हिल्टन यंग कमीशन से साझा किया और भारत में रिज़र्व बैंक की स्थापना करवाई। 10. एक न्यूनतम वेतनमान की व्यवस्था की। 11. उद्योग और कृषि के उत्पादन को बढ़ाने के लिए सस्ती व प्रचुर मात्रा में बिजली की जरूरत की सिफारिश की और बिजली विभाग, निगम और ग्रीड की स्थापना सुनश्चित की। 12. भारतीय सांख्यिकीय एक्ट बनाया जो देश में महंगाई उन्मूलन, मजदूरी, आय, लोन, बेगारी आदि सम्बंधित योजनाओ के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े मुहैया करवाता है। 13. मजदूरो के हितों की रक्षा के लिए मजदूर विकास कोष की स्थापना। 14. देश के विकास में तकनीक और कुशल कामगार की जरूरत को ध्यान में रखते हुए टेक्निकल ट्रेनिंग और स्किल्ड वर्कर के लिए स्कीम बनाई। 15. बिजली के साथ सिंचाई…